August 29, 2025 6:50 pm
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मोदी तंत्र डरा वोटर अधिकार यात्रा से

बिहार वोटर लिस्ट विवाद पर बवाल, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर एफआईआर। गया रैली में विरोध, “वोट चोर गद्दी छोड़” के नारे, और अमित शाह के 2070 वाले बयान से विपक्ष हमलावर।

बिहार वोटर लिस्ट विवाद और राहुल-तेजस्वी पर केस: विपक्ष को दबाने की नई चाल?

बिहार की राजनीति इन दिनों गरमाई हुई है। वोटर लिस्ट से जुड़े विवाद, विपक्षी दलों की वोटर अधिकार यात्रा और उसके जवाब में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर दर्ज एफआईआर – ये सब एक बड़े राजनीतिक टकराव की ओर इशारा कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या सरकार विपक्ष से इतनी डरी हुई है कि अब व्यंग्य और गानों पर भी केस दर्ज होने लगे हैं?

मोदी तंत्र की बेचैनी और विपक्ष पर वार

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की सक्रियता को देखते हुए केंद्र सरकार और भाजपा लगातार कानूनी रास्ता अपना रही है। कार्यक्रमों में विपक्ष का सीधा आरोप है कि “मोदी तंत्र बौखला गया है और उसे समझ नहीं आ रहा कि क्या करे, इसलिए एफआईआर, पीआईएल और कोर्ट ही उसके हथियार बन गए हैं।”

तेजस्वी यादव के खिलाफ एक साथ दो एफआईआर दर्ज हुईं।

  • पहली महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से भाजपा विधायक मिलिंदराम नारोटे ने कराई।
  • दूसरी उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से भाजपा की नगर प्रमुख शिल्पी गुप्ता ने दर्ज कराई।

दोनों ही मामलों में आधार एक कार्टून और एक गाना है, जिसे तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर साझा किया था। विपक्ष का कहना है कि व्यंग्य भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है और इस पर एफआईआर दर्ज होना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।

गया रैली में “फ्लॉप शो” और विरोध

गया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को विपक्ष “फ्लॉप शो” बता रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रैली में लाए गए लोगों ने खुद पत्रकारों से कहा कि “इतना पैसा खर्च करने की जगह सरकार फैक्ट्री ही लगवा देती।”

रैली में काले झंडे दिखाए गए और नारे लगे –

“वोट चोर गद्दी छोड़”

ये नारे संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन भी गूंज चुके हैं।

अमित शाह का “2070” वाला बयान और जुमलेबाज़ी

वोटर लिस्ट से जुड़ी Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पर गृहमंत्री अमित शाह के बयान ने भी हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया 2070 तक चलेगी। विपक्ष इसे “जुमला राजनीति” बता रहा है और याद दिला रहा है कि खुद अमित शाह ने कभी 15 लाख रुपये वाले वादे को “जुमला” कहा था।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला?

पत्रकारों और विपक्षी नेताओं पर एफआईआर की बौछार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में अभिसार शर्मा, सिद्धार्थ वर्दराजन और करण थापर जैसे पत्रकारों पर केस दर्ज किए गए। अब विपक्षी नेताओं के व्यंग्य और गानों पर एफआईआर होना लोकतंत्र की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

घुसपैठिया बनाम वोट चोर का नैरेटिव

गया रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को “घुसपैठियों का समर्थक” कहा। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि जब केंद्र में 11 साल से भाजपा की सरकार है, तब “घुसपैठियों” का मुद्दा क्यों हल नहीं हुआ? साथ ही भाजपा और मोदी के बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से रिश्तों पर भी तंज कसा जा रहा है।

निष्कर्ष

बिहार की राजनीति फिलहाल वोटर अधिकार यात्रा, वोटर लिस्ट विवाद और विपक्षी नेताओं पर हो रहे कानूनी हमलों के इर्द-गिर्द घूम रही है। मोदी सरकार पर आरोप है कि वह जनता के असली सवालों से भागकर विपक्ष और पत्रकारों को चुप कराने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है, खासकर तब तक जब तक वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

भाषा सिंह

1971 में दिल्ली में जन्मी, शिक्षा लखनऊ में प्राप्त की। 1996 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं।
'अमर उजाला', 'नवभारत टाइम्स', 'आउटलुक', 'नई दुनिया', 'नेशनल हेराल्ड', 'न्यूज़क्लिक' जैसे
प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों

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