August 29, 2025 6:53 pm
Home » देशकाल » बिहार से उठी गूंज: वोटर अधिकार यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

बिहार से उठी गूंज: वोटर अधिकार यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

बिहार में वोटर अधिकार यात्रा ने नया मोड़ लिया जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन शामिल हुए। राहुल गांधी, प्रियंका, तेजस्वी और दीपांकर भट्टाचार्य के साथ हजारों की भीड़ जुटी। मुख्य मुद्दा—65 लाख वोट हटाना और वोट चोरी के आरोप। पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट।

राहुल का मोदी पर सीधा हमला, स्टालिन बोले – “वोट चोरी संविधान की चोरी है”

मुज़फ्फरपुर की सड़कों पर सोमवार को नारे गूंज रहे थे—“वोट चोर, गद्दी छोड़!”। बैनरों-पोस्टरों से सजी गलियों में युवा बाइक रैली निकाल रहे थे, महिलाएं हाथों में तख्तियां थामे खड़ी थीं और विपक्षी नेताओं का काफिला आगे बढ़ रहा था।

यह नज़ारा था वोटर अधिकार यात्रा का, जिसने अब बिहार को ही नहीं, पूरे देश की राजनीति को हिला दिया है।

युवा जोश और विपक्षी कुनबे का मेल

इस यात्रा में एक तस्वीर सबसे ज़्यादा वायरल हुई—प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव साथ-साथ चलते हुए। उनके इर्द-गिर्द नारे लगाते सैकड़ों युवा, जिनकी आंखों में गुस्सा भी था और उम्मीद भी।

भीड़ में मौजूद 22 वर्षीय संजय कुमार ने कहा—

“हम यहां इसलिए आए हैं क्योंकि वोट हमारी ताक़त है। जब वोट ही काट दिया जाएगा तो फिर रोजगार और भविष्य की बात कौन करेगा?”

स्टालिन का आगमन: दक्षिण से उत्तर तक विपक्षी एकता

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का बिहार पहुंचना विपक्षी एकता के लिए बड़ा संकेत था। उन्होंने मंच से तमिल में भाषण दिया। शुरुआत में लोग हैरान थे, लेकिन फिर अनुवाद के साथ संदेश गूंज उठा—

“वोट चोरी सिर्फ़ धांधली नहीं, यह संविधान की चोरी है। अपने ही घर में रह रहे लोगों को वोटर लिस्ट से हटाना आतंकवाद से भी बड़ा अपराध है।”

स्टालिन के शब्दों पर भीड़ तालियों और नारों से फट पड़ी।

65 लाख वोट हटे, गुस्से में जनता

भाकपा (माले) महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने यात्रा के दौरान कहा कि बिहार में SIR प्रक्रिया में 65 लाख वोट हटाए गए। उन्होंने चेतावनी दी—

“नाम जुड़वाना इतना मुश्किल बना दिया गया है कि यह साफ़ वोट चोरी है। यह चुनावी तख़्तापलट है।”

लोगों का गुस्सा सिर्फ़ नारों में नहीं, बल्कि शिकायतों में भी झलक रहा था। कई लोगों ने बताया कि प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर उनसे रिश्वत वसूली की गई। स्थानीय संगठनों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब 4000 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है।

राहुल गांधी का सीधा हमला

राहुल गांधी इस यात्रा के सबसे आकर्षक चेहरों में से थे। उन्होंने सड़कों पर उतरकर भीड़ के साथ नारे लगाए—“वोट चोर, गद्दी छोड़!”

अपने भाषण में उन्होंने कहा—

“नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर वोट चोरी करके बैठे हैं। चुनाव आयोग ने बीजेपी और अमित शाह की मदद की है। यह सिर्फ़ राजनीति नहीं, संविधान और बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान है।”

भीड़ ने ताली और नारे से उनका जवाब दिया।

ट्रम्प के बयान पर भी मचा बवाल

राहुल गांधी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें उन्होंने दावा किया कि भारत-पाक युद्ध के दौरान मोदी ने उनका फोन उठाकर युद्ध रोक दिया। राहुल ने पूछा—

“क्या देश की विदेश नीति और सुरक्षा पर ट्रम्प हुक्म देंगे? मोदी जी चुप क्यों हैं?”

आंदोलन का असर और आगे का रास्ता

यह यात्रा सिर्फ़ विपक्षी एकता का मंच नहीं, बल्कि बिहार से उठता लोकतंत्र बचाने का आंदोलन है। कांग्रेस, राजद, भाकपा (माले), वीआईपी और अब डीएमके के एक साथ आने से विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले महीनों में लड़ाई और तेज होगी।

भीड़ में शामिल एक बुज़ुर्ग किसान ने कहा—

“हमने इमरजेंसी देखी है, अब यह वोट चोरी की इमरजेंसी है। अगर वोट नहीं बचा तो लोकतंत्र नहीं बचेगा।”

भाषा सिंह

1971 में दिल्ली में जन्मी, शिक्षा लखनऊ में प्राप्त की। 1996 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं।
'अमर उजाला', 'नवभारत टाइम्स', 'आउटलुक', 'नई दुनिया', 'नेशनल हेराल्ड', 'न्यूज़क्लिक' जैसे
प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों

Read more
View all posts

ताजा खबर